~~~~~~खामुशि~~~~~

जब जुबां हो गयी खामुशि,
खुद बयाँ हो गयी खामुशि,

जान पहचान तन्हाई से,
ख़ामाखा हो गयी खामुशि,

खामुशि, खामुशि, खामुशि,
इंतेहाँ हो गयी खामुशि,

लफ्ज़ बुझने लगे हैं मेरे,
लो धुआँ हो गयी खामुशि,

साथ चलती रही इस तरह,
रास्ता हो गयी खामुशि,

अपने चेहरे से मायूस थी,
आईना हो गयी खामुशि,

सबके होठों पे वाबस्ता "क़श",
क्या थी क्या हो गयी खामुशि,

 

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